धमतरी-शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से बेची जा रही मिलावटी देशी शराब अब एक साइलेंट किलर बन चुकी है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शराब में नशा बढ़ाने के लिए मिलाए जा रहे यूरिया और तंबाकू जैसे खतरनाक पदार्थ सीधे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नाकाम कर रहे हैं, जिससे मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
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| फाइल फोटो |
चिकित्सीय खुलासे और चिंताजनक स्थिति:
शिवनंदा अस्पताल धमतरी के संचालक और वरिष्ठ सर्जन डॉ. विभोर नंदा ने हाल ही में आए मामलों के आधार पर एक डरावनी तस्वीर पेश की है। डॉ. नंदा के अनुसार, पिछले एक साल में उनके अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है जो मिलावटी देशी शराब के सेवन के बाद गंभीर स्थिति में पहुँच रहे हैं।
डॉ. विभोर नंदा द्वारा साझा किए गए महत्वपूर्ण तथ्य:
• नया और घातक चलन: पिछले 5-6 वर्षों में ऐसे मामले इतने आम नहीं थे, लेकिन पिछले एक वर्ष में युवाओं (Young Adult Males) में यह समस्या महामारी की तरह बढ़ी है।
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• एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस और ARDS: मिलावटी शराब के कारण मरीजों में एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस (Acute Pancreatitis) विकसित हो रहा है, जो तेजी से बढ़कर ARDS (Acute Respiratory Distress Syndrome) का रूप ले लेता है।
• मल्टी-ऑर्गन फेलियर: इस स्थिति में मरीज के किडनी, लिवर, फेफड़े और हृदय एक साथ काम करना बंद कर देते हैं, जिससे चंद घंटों या दिनों के भीतर उनकी असामयिक मृत्यु हो जाती है।
• मिलावट का जहर: डॉ. नंदा ने बताया कि खबरों और लक्षणों से यह स्पष्ट है कि शराब में यूरिया और तंबाकू का घातक मिश्रण किया जा रहा है, जो शरीर के लिए विष के समान है।
प्रशासन और जनता से अपील:
डॉ. विभोर नंदा ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से कड़ी अपील की है कि वे इन अवैध शराब निर्माण इकाइयों और वितरण नेटवर्क पर तत्काल लगाम लगाएं। उन्होंने कहा, "यदि इस जहरीली आपूर्ति को नहीं रोका गया, तो हम कई और परिवारों को उजड़ते देखेंगे।" साथ ही, उन्होंने आम जनता से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की शराब, विशेषकर देशी शराब के सेवन से पूरी तरह बचें।

