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Vijay Sharma और Bhupesh Baghel पीएम आवास के मुद्दे पर आमने-सामने आमने-सामने:, रायपुर प्रेस क्लब में हो रही सियासी बहस

 


रायपुर- छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (CG Pradhan Mantri Awas Yojana ) को लेकर सियासी घमासान अब खुली बहस तक पहुंच गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ( Deputy CM Vijay Sharma ) और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) आज रायपुर प्रेस क्लब में आमने-सामने आ सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर पिछले दिनों बयानबाजी हुई थी और इसी दौरान एक-दूसरे को बहस की चुनौती भी दी गई थी।

 दोनों नेता दोपहर करीब 12 बजे रायपुर प्रेस क्लब (Raipur Press Club) पहुंच गए हैं। बहस को लेकर प्रेस क्लब (Raipur Press Club) के बाहर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है और आसपास के कई थानों की पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। प्रेस क्लब (Raipur Press Club) परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाई गई है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे में दोनों नेताओं के आमने-सामने आने से पहले ही माहौल गरमा गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

पीएम आवास योजना (PM Awas Yojana) को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ( Deputy CM Vijay Sharma ) ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा था कि पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास बनाने की फाइल पर हस्ताक्षर किए गए थे और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में करीब 11 लाख आवास पूरे किए जा चुके हैं। इसी दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) को किसी भी मंच पर इस मुद्दे पर बहस की चुनौती दी थी। इसके बाद भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा था कि समय और स्थान तय कर लिया जाए, वह बहस के लिए तैयार हैं। बघेल ने यह भी कहा था कि उन्होंने ही बहस की चुनौती दी थी और अब 15 तारीख को चर्चा के लिए आने की बात कही गई थी।

आंकड़ों को लेकर भूपेश बघेल के सवाल

भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) का आरोप है कि पीएम आवास योजना को लेकर सरकार की ओर से अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग आंकड़े बताए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा था कि उसमें 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है, जबकि संसद में अलग आंकड़े सामने रखे गए हैं। बघेल का दावा है कि प्रदेश में पहले ही 11 लाख से ज्यादा आवास बन चुके थे, जिनमें पिछली सरकारों के कार्यकाल में बने मकान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा था कि उनके कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे। उनका सवाल है कि मौजूदा सरकार ने कितने आवास स्वीकृत किए और उनमें से कितने पूरे हुए, इसका स्पष्ट आंकड़ा सरकार को सामने रखना चाहिए। अब सबकी नजरें रायपुर प्रेस क्लब पर हैं, जहां पीएम आवास योजना के आंकड़ों को लेकर विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच बहस होती है या नहीं, इस पर सियासी नजरें टिकी हुई हैं। 

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