धमतरी में आयोजित CME में
रीढ़ की हड्डी, न्यूरोलॉजी और
डायलिसिस पर विशेषज्ञ चर्चा
संपन्न
धमतरी (21 मार्च, 2026): इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) धमतरी के तत्वावधान में इत्सा हॉस्पिटल्स (Itsa Hospitals), रायपुर के संयुक्त सहयोग से एक महत्वपूर्ण सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) संगोष्ठी और संगठनात्मक बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर संगठन के नए शासी बोर्ड (Governing Board) की घोषणा की गई।
नई कार्यकारिणी को वरिष्ठों का आशीर्वाद:
बैठक में सर्वसम्मति से डॉ. वर्षा जैन को आगामी कार्यकाल के लिए अध्यक्ष (President Elect) और डॉ. विभोर नंदा को सचिव (Secretary Elect) के रूप में चुना गया। इस अवसर पर उपस्थित धमतरी के सभी वरिष्ठ चिकित्सकों ने नई टीम को अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ सदस्यों ने विश्वास जताया कि नई ऊर्जावान टीम IMA धमतरी को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और चिकित्सा जगत के कल्याण के लिए निरंतर ऐसे ही उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगी।
प्रमुख विशेषज्ञ व्याख्यान:
संगोष्ठी में रायपुर के प्रसिद्ध विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की:
• स्पाइन प्रॉब्लम्स (रीढ़ की हड्डी): विख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. अनिंदो रॉय ने रीढ़ की हड्डी की समस्याओं पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बहुत ही सरल और संक्षिप्त तरीके से समझाया कि कब सर्जरी अनिवार्य है और सामान्य स्पाइन समस्याओं का प्रबंधन कैसे किया जाए।
• मूवमेंट डिसऑर्डर्स: प्रसिद्ध न्यूरोफिजिशियन डॉ. अभिजीत कोहर्ट ने पार्किंसंस और डिस्टोनिया जैसे रोगों के प्रभावी प्रबंधन और उपचार के आधुनिक तरीकों के बारे में चिकित्सकों को अवगत कराया।
• नेफ्रोलॉजी और डायलिसिस: वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. नमन पाठक ने हेमोडायलिसिस के लिए एवी फिस्टुला (AV Fistula) के निर्माण और डायलिसिस प्रबंधन के तकनीकी पहलुओं को साझा किया।
वरिष्ठ चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति:
इस शैक्षणिक और संगठनात्मक सत्र में धमतरी के प्रख्यात चिकित्सक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. एन. पी. गुप्ता, डॉ. उमेश लोहाना, डॉ. एन. सी. खंडेलवाल, डॉ. सुधीर चटर्जी, डॉ. वीणा चटर्जी, डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. सुनीता जैन, डॉ. प्रदीप साहू एवं अन्य गणमान्य सदस्य शामिल थे।
डॉ. वर्षा जैन और डॉ. विभोर नंदा ने अपनी नई जिम्मेदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य IMA धमतरी की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना और सभी सदस्यों के सहयोग से जन-स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।
सभी वक्ताओं के ज्ञानवर्धक प्रस्तुतीकरण की उपस्थित चिकित्सकों ने काफी सराहना की।
